India · CBSE Learning Outcomes
Class 12 लेखाशास्त्र.
कक्षा 12 के लिए लेखाशास्त्र पाठ्यक्रम छात्रों को साझेदारी फर्मों और कंपनियों के लेखांकन के उन्नत सिद्धांतों से परिचित कराता है। यह वित्तीय विवरणों के विश्लेषण और नकदी प्रवाह विवरण की गहरी समझ विकसित करने पर केंद्रित है।

01साझेदारी फर्मों का लेखांकन
यह इकाई साझेदारी फर्मों के निर्माण, संचालन और पुनर्गठन से संबंधित लेखांकन प्रक्रियाओं को स्पष्ट करती है।
साझेदारी विलेख और लाभ-हानि विनियोग खाते की अवधारणाओं का अध्ययन। यह साझेदारों के बीच पूंजी और लाभ के वितरण को समझाता है।
ख्याति के अर्थ, इसे प्रभावित करने वाले कारकों और मूल्यांकन की विभिन्न विधियों का विश्लेषण।
नए साझेदार के प्रवेश पर लाभ-विभाजन अनुपात में परिवर्तन और संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन का लेखांकन।
किसी साझेदार के फर्म छोड़ने या मृत्यु होने पर देय राशि की गणना और खातों का निपटान।

02अंश पूंजी और ऋणपत्रों का लेखांकन
कंपनियों द्वारा धन जुटाने के लिए अंशों और ऋणपत्रों के निर्गमन से संबंधित लेखांकन प्रविष्टियों का विस्तृत अध्ययन।
समता और पूर्वाधिकार अंशों के निर्गमन, अति-अभिदान और अंशों के हरण की लेखांकन प्रक्रिया।
नकद और गैर-नकद प्रतिफल के लिए ऋणपत्रों का निर्गमन और संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में उनका उपयोग।
ऋणपत्रों पर देय ब्याज की गणना और कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उनके शोधन की प्रक्रिया।

03कंपनी के वित्तीय विवरणों का विश्लेषण
कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची III के अनुसार वित्तीय विवरण तैयार करना और उनका विश्लेषण करना।
कंपनी के तुलन पत्र (Balance Sheet) और लाभ-हानि विवरण का प्रारूप और उनके प्रमुख शीर्षक।
तुलनात्मक विवरण और समरूप विवरणों का उपयोग करके वित्तीय डेटा का विश्लेषण करना।
तरलता, शोधन क्षमता, गतिविधि और लाभप्रदता अनुपातों की गणना और उनकी व्याख्या।

04रोकड़ प्रवाह विवरण
लेखांकन मानक 3 (AS-3) के अनुसार रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करना और उसका विश्लेषण।
रोकड़ और रोकड़ तुल्य की अवधारणा और परिचालन गतिविधियों से नकदी प्रवाह की गणना।
अचल संपत्तियों और निवेशों की खरीद-बिक्री से उत्पन्न होने वाले नकदी प्रवाह का विश्लेषण।
अंशों और ऋणपत्रों के निर्गमन/शोधन से नकदी प्रवाह और संपूर्ण रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करना।