India · CBSE Learning Outcomes
Class 11 अनुप्रयुक्त गणित.
यह पाठ्यक्रम छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए गणितीय उपकरणों का उपयोग करना सिखाता है। इसमें संख्यात्मक अनुप्रयोग, बीजगणित, कलन और सांख्यिकी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं जो वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान में अत्यंत उपयोगी हैं।

01संख्याएं, परिमाणीकरण और संख्यात्मक अनुप्रयोग
इस इकाई में हम संख्याओं के विभिन्न रूपों और उनके व्यावहारिक उपयोगों का अध्ययन करेंगे। यह छात्रों को मात्रात्मक समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाएगा।
अभाज्य संख्याओं की पहचान और उनके गणितीय गुणों का विश्लेषण। क्रिप्टोग्राफी में इनके उपयोग को समझना।
बाइनरी संख्या प्रणाली और दशमलव प्रणाली के साथ इसके संबंध का अध्ययन। कंप्यूटर विज्ञान में इसके अनुप्रयोगों की खोज।
घातांक और लघुगणक के नियमों का परिचय और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग। जटिल गणनाओं को सरल बनाने में इनका उपयोग।
औसत, प्रतिशत, और अनुपात से संबंधित वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान। यह तार्किक सोच और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ाता है।

02बीजगणित
यह इकाई समुच्चय, संबंध, और अनुक्रम जैसे बीजगणितीय अवधारणाओं पर केंद्रित है। यह डेटा को व्यवस्थित और विश्लेषित करने के लिए आधार प्रदान करती है।
समुच्चयों के प्रकार और उन पर विभिन्न संक्रियाओं का अध्ययन। वेन आरेख का उपयोग करके तार्किक समस्याओं का समाधान।
दो समुच्चयों के बीच संबंधों और फलनों की अवधारणा को समझना। विभिन्न प्रकार के फलनों और उनके ग्राफ का विश्लेषण।
समांतर और गुणोत्तर श्रेढ़ी का अध्ययन और उनके योगफल की गणना। वित्त और अर्थशास्त्र में इनके अनुप्रयोग।

03गणितीय तर्क
इस इकाई में तार्किक सोच और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करने के लिए गणितीय तर्क का अध्ययन किया जाएगा। इसमें कोडिंग और दिशा परीक्षण शामिल हैं।
गणितीय कथनों की सत्यता की जांच करना और सत्य सारणी का निर्माण। तार्किक संयोजकों का उपयोग समझना।
अक्षरों और संख्याओं के पैटर्न को पहचानना और गुप्त संदेशों को डिकोड करना। यह विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाता है।
दिशाओं और पारिवारिक संबंधों पर आधारित तार्किक समस्याओं का समाधान। यह स्थानिक और तार्किक बुद्धिमत्ता का परीक्षण करता है।

04कलन
यह इकाई परिवर्तन की दर और सीमाओं की अवधारणाओं का परिचय देती है। यह अर्थशास्त्र और वाणिज्य में सीमांत विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है।
फलनों की सीमा की अवधारणा और उसकी गणना के तरीके। निरंतरता को समझने के लिए आधार तैयार करना।
परिवर्तन की दर के रूप में अवकलन को समझना। प्रथम सिद्धांत और मानक सूत्रों का उपयोग करके अवकलन करना।
अर्थशास्त्र और वाणिज्य में सीमांत लागत और सीमांत राजस्व की गणना के लिए अवकलन का उपयोग।

05सांख्यिकी और प्रायिकता
इस इकाई में डेटा का संग्रह, विश्लेषण और व्याख्या करना सिखाया जाएगा। साथ ही अनिश्चितता को मापने के लिए प्रायिकता का अध्ययन किया जाएगा।
कच्चे डेटा को सारणीबद्ध और चित्रमय रूप में प्रस्तुत करना। हिस्टोग्राम और पाई चार्ट का उपयोग।
माध्य, माध्यिका और बहुलक की गणना और उनके उपयोग। डेटा के केंद्र को समझने के लिए इनका विश्लेषण।
डेटा के फैलाव को मापने के लिए मानक विचलन और प्रसरण की गणना। डेटा की विश्वसनीयता का आकलन।
यादृच्छिक प्रयोगों और घटनाओं की प्रायिकता की गणना। वास्तविक जीवन में जोखिम और अनिश्चितता का मूल्यांकन।