India · CBSE Learning Outcomes
Class 11 व्यवसाय अध्ययन.
यह पाठ्यक्रम कक्षा 11 के छात्रों को व्यवसाय के मूल सिद्धांतों, व्यापारिक संगठनों के स्वरूपों और उभरती हुई व्यावसायिक प्रवृत्तियों से परिचित कराता है। इसके माध्यम से छात्र वाणिज्यिक गतिविधियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यावसायिक नैतिकता की गहरी समझ विकसित करेंगे।

01व्यवसाय की प्रकृति एवं उद्देश्य
इस इकाई में व्यवसाय की अवधारणा, इसके उद्देश्यों और व्यावसायिक जोखिमों की प्रकृति का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
मानवीय गतिविधियों के प्रकार और व्यवसाय की विशेषताओं का अध्ययन।
व्यावसायिक जोखिमों की प्रकृति और उनके कारणों का विश्लेषण।

02व्यावसायिक संगठनों के स्वरूप
विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक संगठनों, उनके लाभ, सीमाओं और उपयुक्तता का मूल्यांकन।
एकल स्वामित्व और साझेदारी के अर्थ, गुण और सीमाओं का मूल्यांकन।
इन विशिष्ट भारतीय व्यावसायिक स्वरूपों की कार्यप्रणाली और विशेषताओं का अध्ययन।
कंपनी के अर्थ, प्रकार (निजी और सार्वजनिक) और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी।
विभिन्न व्यावसायिक स्वरूपों की तुलना और उपयुक्त स्वरूप का चयन करने के मापदंड।

03निजी, सार्वजनिक और भूमंडलीय उपक्रम
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों की भूमिका का विश्लेषण।
विभागीय उपक्रम, वैधानिक निगम और सरकारी कंपनियों की भूमिका और विशेषताएं।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों का अर्थ, विशेषताएं और भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव।
संयुक्त उपक्रमों और पीपीपी मॉडल की अवधारणा और उनके लाभों का विश्लेषण।

04व्यावसायिक सेवाएँ
बैंकिंग, बीमा, संचार और भंडारण जैसी आवश्यक व्यावसायिक सेवाओं का अध्ययन।
बैंकों के प्रकार, उनके कार्य और ई-बैंकिंग की आधुनिक प्रवृत्तियों का अध्ययन।
बीमा के सिद्धांत और जीवन, अग्नि तथा समुद्री बीमा के प्रकारों की समझ।
व्यावसायिक संचार सेवाओं (डाक और दूरसंचार) और भंडारण के कार्यों का विश्लेषण।

05व्यवसाय की उभरती पद्धतियाँ और सामाजिक उत्तरदायित्व
ई-बिजनेस, आउटसोर्सिंग और व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिकता का मूल्यांकन।
ई-बिजनेस का अर्थ, कार्यक्षेत्र, लाभ और इसके कार्यान्वयन में आने वाली बाधाएं।
बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग की अवधारणा और आवश्यकता।
विभिन्न हितधारकों के प्रति व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यावसायिक नैतिकता की समझ।