India · CBSE Learning Outcomes
Class 12 राजनीति विज्ञान.
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का यह पाठ्यक्रम छात्रों को समकालीन विश्व राजनीति और स्वतंत्र भारत की राजनीति के प्रमुख आयामों से परिचित कराता है। इसमें वैश्विक शक्ति संरचनाओं, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियों और भारतीय लोकतंत्र के विकास का आलोचनात्मक विश्लेषण शामिल है।

01समकालीन विश्व राजनीति में सत्ता के केंद्र
यह इकाई शीतयुद्ध के अंत के बाद विश्व राजनीति में आए बदलावों और सत्ता के नए वैकल्पिक केंद्रों के उभार का विश्लेषण करती है।
सोवियत संघ के विघटन और विश्व राजनीति पर इसके प्रभावों का अध्ययन। यह विषय एकध्रुवीय विश्व की शुरुआत और शॉक थेरेपी के परिणामों को स्पष्ट करता है।
यूरोपीय संघ, आसियान और चीन के आर्थिक व राजनीतिक उभार का विश्लेषण। यह विषय बहुध्रुवीय विश्व की संभावनाओं को तलाशता है।
दक्षिण एशियाई देशों में लोकतंत्र के विकास और उनके आपसी संबंधों का मूल्यांकन। इसमें भारत और उसके पड़ोसियों के बीच संघर्ष और सहयोग शामिल है।

02अंतर्राष्ट्रीय संगठन और वैश्विक सुरक्षा
इस इकाई में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका, सुरक्षा की समकालीन धारणाओं और वैश्विक पर्यावरण के मुद्दों पर चर्चा की गई है।
एकध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और इसके सुधार की आवश्यकता पर चर्चा। इसमें वीटो पावर और सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन के मुद्दे शामिल हैं।
सुरक्षा की पारंपरिक और गैर-पारंपरिक धारणाओं का तुलनात्मक अध्ययन। इसमें आतंकवाद, मानवाधिकार और वैश्विक निर्धनता जैसे नए खतरे शामिल हैं।
वैश्विक राजनीति में पर्यावरण के मुद्दों और संसाधनों की भू-राजनीति का विश्लेषण। यह विषय जलवायु परिवर्तन और मूलवासियों के अधिकारों पर केंद्रित है।

03स्वतंत्र भारत में राष्ट्र-निर्माण
यह इकाई स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने आई राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियों, दलीय व्यवस्था और नियोजित विकास की राजनीति पर केंद्रित है।
स्वतंत्रता के समय भारत के सामने आई प्रमुख चुनौतियों और विभाजन के परिणामों का अध्ययन। इसमें रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया शामिल है।
शुरुआती आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रभुत्व और भारतीय लोकतंत्र की प्रकृति का विश्लेषण। इसमें विपक्षी दलों के उद्भव को भी दर्शाया गया है।
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं और आर्थिक विकास के शुरुआती मॉडलों की चर्चा। यह विषय कृषि बनाम उद्योग की बहस पर प्रकाश डालता है।

04भारत के विदेश संबंध और लोकतांत्रिक संकट
इस इकाई में भारत की विदेश नीति के विकास, कांग्रेस प्रणाली की चुनौतियों और 1975 के आपातकाल के लोकतांत्रिक संकट का अध्ययन किया गया है।
गुटनिरपेक्षता की नीति और चीन तथा पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों का मूल्यांकन। इसमें भारत की परमाणु नीति का भी उल्लेख है।
1960 के दशक में कांग्रेस के विभाजन और इंदिरा गांधी के नेतृत्व में इसके पुनरुत्थान का अध्ययन। यह विषय 'गरीबी हटाओ' के नारे के प्रभाव को समझाता है।
1975 के आपातकाल की पृष्ठभूमि, इसके लागू होने के कारण और भारतीय लोकतंत्र पर इसके प्रभावों का आलोचनात्मक विश्लेषण।

05भारतीय राजनीति में हालिया बदलाव
यह इकाई क्षेत्रीय आकांक्षाओं, गठबंधन की राजनीति के उदय और समकालीन भारतीय राजनीति के प्रमुख मुद्दों का विश्लेषण करती है।
भारत के विभिन्न राज्यों में स्वायत्तता की मांगों और क्षेत्रीय आंदोलनों का अध्ययन। इसमें पंजाब, कश्मीर और पूर्वोत्तर के मुद्दे शामिल हैं।
1989 के बाद भारतीय राजनीति में गठबंधन सरकारों के दौर और राष्ट्रीय राजनीति पर क्षेत्रीय दलों के प्रभाव का विश्लेषण।
मंडल आयोग, अयोध्या विवाद और नई आर्थिक नीतियों जैसे समकालीन मुद्दों का भारतीय राजनीति पर प्रभाव। यह विषय वर्तमान राजनीतिक विमर्श को समझने में मदद करता है।