India · CBSE Learning Outcomes
Class 12 मनोविज्ञान.
कक्षा 12 का मनोविज्ञान पाठ्यक्रम छात्रों को मानव व्यवहार, मानसिक प्रक्रियाओं और मनोवैज्ञानिक विकारों की गहरी समझ प्रदान करता है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को आत्म-जागरूकता विकसित करने और समाज में मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने में मदद करता है।

01मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएं
यह इकाई बुद्धि, अभिक्षमता और व्यक्तिगत भिन्नताओं के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों पर केंद्रित है। छात्र विभिन्न मनोवैज्ञानिकों द्वारा दिए गए बुद्धि के सिद्धांतों और मापन विधियों का अध्ययन करेंगे।
बुद्धि की प्रकृति और विभिन्न मनोवैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सिद्धांतों का विस्तृत अध्ययन। इसमें बहु-बुद्धि सिद्धांत और त्रिचापीय सिद्धांत शामिल हैं।
बुद्धि परीक्षणों के प्रकार, उनके अनुप्रयोगों और सीमाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन।
अभिक्षमता, रुचि और प्रतिभा के बीच अंतर और उनके मापन की मनोवैज्ञानिक विधियों का परिचय।

02आत्म एवं व्यक्तित्व
इस इकाई में आत्म के संप्रत्यय और व्यक्तित्व के विभिन्न सिद्धांतों का अन्वेषण किया गया है। छात्र व्यक्तित्व मूल्यांकन की विभिन्न तकनीकों को भी समझेंगे।
आत्म-सम्मान, आत्म-क्षमता और आत्म-नियमन की अवधारणाओं की गहरी समझ।
व्यक्तित्व को समझने के लिए प्रारूप, शील गुण और मनोगतिक उपागमों का विस्तृत अध्ययन।
व्यक्तित्व मापन की विभिन्न विधियों, जैसे आत्म-प्रतिवेदन और प्रक्षेपी तकनीकों का व्यावहारिक परिचय।

03जीवन की चुनौतियों का सामना
यह इकाई दबाव (तनाव) की प्रकृति, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और दबाव प्रबंधन की तकनीकों पर केंद्रित है।
दबाव के अर्थ, प्रकार और इसके मनोवैज्ञानिक मॉडलों की विस्तृत व्याख्या।
शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर दबाव के नकारात्मक प्रभावों का वैज्ञानिक विश्लेषण।
दबाव से निपटने की रणनीतियों और सकारात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के व्यावहारिक तरीकों का अध्ययन।

04मनोवैज्ञानिक विकार
इस इकाई में असामान्य व्यवहार की अवधारणा और प्रमुख मनोवैज्ञानिक विकारों के लक्षणों व कारणों का अध्ययन किया गया है।
असामान्य व्यवहार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके वर्गीकरण के आधुनिक तरीकों की समझ।
दुश्चिंता, अवसाद, और विच्छेदी विकारों के लक्षणों और विशेषताओं का नैदानिक अध्ययन।
मनोवैज्ञानिक विकारों के जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों का गहन विश्लेषण।

05चिकित्सा उपागम
यह इकाई विभिन्न प्रकार की मनोचिकित्सा पद्धतियों और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए उनके उपयोग पर प्रकाश डालती है।
मनोचिकित्सा के लक्ष्यों, चरणों और रोगी-चिकित्सक संबंध (चिकित्सीय मैत्री) का परिचयात्मक अध्ययन।
व्यवहार चिकित्सा, संज्ञानात्मक चिकित्सा और मानवतावादी-अस्तित्वपरक चिकित्सा की तकनीकों का अध्ययन।
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए योग, ध्यान और अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के उपयोग का अन्वेषण।