India · CBSE Learning Outcomes
Class 12 इतिहास.
कक्षा 12 का इतिहास पाठ्यक्रम भारतीय इतिहास के प्रमुख विषयों (प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक) का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह छात्रों को ऐतिहासिक स्रोतों, पुरातात्विक साक्ष्यों और विभिन्न दृष्टिकोणों का आलोचनात्मक विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है।

01प्राचीन भारत: हड़प्पा से गुप्त काल तक
इस इकाई में हड़प्पा सभ्यता, आरंभिक राज्यों, अर्थव्यवस्थाओं, सामाजिक संरचनाओं और प्राचीन भारत के सांस्कृतिक व धार्मिक विकास का अध्ययन किया गया है।
हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना, कृषि प्रौद्योगिकी और सामाजिक-आर्थिक जीवन का पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर अध्ययन।
मौर्य और गुप्त साम्राज्यों के दौरान राजनीतिक और आर्थिक विकास, तथा अशोक के धम्म का विश्लेषण।
महाभारत के संदर्भ में आरंभिक भारतीय समाज, वर्ण व्यवस्था और लैंगिक संबंधों का आलोचनात्मक मूल्यांकन।
बौद्ध और जैन धर्म का उदय, सांची के स्तूप की वास्तुकला और मूर्तिकला का अध्ययन।

02मध्यकालीन भारत: समाज, धर्म और राज्य
यह इकाई विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों, भक्ति-सूफ़ी परंपराओं, विजयनगर साम्राज्य और मुग़ल कालीन कृषि समाज पर केंद्रित है।
अल-बिरूनी, इब्न बतूता और फ्रांस्वा बर्नियर के वृत्तांतों के माध्यम से मध्यकालीन भारतीय समाज की समझ।
8वीं से 18वीं सदी के बीच धार्मिक विश्वासों में बदलाव, कबीर, गुरु नानक और मीराबाई का योगदान।
विजयनगर साम्राज्य की खोज, जल प्रबंधन प्रणाली, और वास्तुकला (हम्पी) का विस्तृत अध्ययन।
16वीं और 17वीं सदी में कृषि समाज, मुग़ल साम्राज्य की भू-राजस्व प्रणाली और आईन-ए-अकबरी का विश्लेषण।

03आधुनिक भारत: उपनिवेशवाद और विद्रोह
इस इकाई में ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, ग्रामीण समाज पर उनके प्रभाव, 1857 के विद्रोह और औपनिवेशिक शहरों के विकास का विश्लेषण किया गया है।
बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त, संथाल विद्रोह और दक्कन के दंगों का सरकारी अभिलेखों के माध्यम से अध्ययन।
1857 के विद्रोह के कारण, घटनाक्रम, नेताओं की भूमिका और ब्रिटिश दमन की नीतियों का विश्लेषण।
मद्रास, कलकत्ता और बंबई में नगरीकरण, नगर-योजना और औपनिवेशिक स्थापत्य कला का विकास।

04आधुनिक भारत: राष्ट्रीय आंदोलन और संविधान
यह इकाई महात्मा गांधी के नेतृत्व में जन आंदोलनों, भारत के विभाजन की त्रासदी और भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया को रेखांकित करती है।
असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन में गांधीजी की भूमिका और जन-राष्ट्रवाद का उदय।
भारत के विभाजन के कारण, राजनीतिक घटनाक्रम और आम लोगों के अनुभवों और स्मृतियों का अध्ययन।
संविधान सभा की बहसें, विभिन्न दृष्टिकोणों का टकराव और एक नए राष्ट्र के लिए संवैधानिक ढांचे का निर्माण।