India · CBSE Learning Outcomes
Class 12 भूगोल.
कक्षा 12 का भूगोल पाठ्यक्रम मानव भूगोल के मूल सिद्धांतों और भारत के संदर्भ में लोग और अर्थव्यवस्था का गहन अध्ययन कराता है। यह छात्रों को जनसंख्या, बस्तियों, संसाधनों और सतत विकास से जुड़े स्थानिक दृष्टिकोण और भौगोलिक अवधारणाओं को समझने में मदद करता है।

01मानव भूगोल के मूल सिद्धांत
मानव भूगोल की प्रकृति, विश्व जनसंख्या के वितरण और मानव विकास की अवधारणाओं का परिचयात्मक अध्ययन।
मानव भूगोल की प्रकृति, इसके विभिन्न दृष्टिकोणों और उप-क्षेत्रों का परिचय। यह भौतिक पर्यावरण और मानव जगत के बीच संबंधों की व्याख्या करता है।
विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण, घनत्व के पैटर्न और जनसंख्या वृद्धि के जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल का विश्लेषण।
मानव विकास की अवधारणा, इसके चार स्तंभों और मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर देशों के वर्गीकरण का अध्ययन।

02मानव बस्तियां और आर्थिक क्रियाएं
विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियों (प्राथमिक से पंचम तक) और वैश्विक परिवहन तथा व्यापार नेटवर्क का विश्लेषण।
कृषि, खनन जैसी प्राथमिक क्रियाओं और विनिर्माण उद्योगों जैसी द्वितीयक क्रियाओं की स्थानिक विशेषताओं का अध्ययन।
सेवाओं, व्यापार, परिवहन और ज्ञान-आधारित चतुर्थक और पंचम क्रियाकलापों के बढ़ते महत्व का विश्लेषण।
विश्व के प्रमुख परिवहन मार्गों, संचार नेटवर्क और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार और पैटर्न का मूल्यांकन।

03भारत: लोग और अर्थव्यवस्था - जनसंख्या और बस्तियां
भारत के विशेष संदर्भ में जनसंख्या वितरण, प्रवास के पैटर्न और मानव बस्तियों के प्रकारों का विस्तृत अध्ययन।
भारत की जनसंख्या के स्थानिक वितरण, घनत्व, भाषाई और धार्मिक संघटन तथा व्यावसायिक संरचना का विस्तृत अध्ययन।
भारत में आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के प्रकारों, इसके आर्थिक, सामाजिक और जनसांख्यिकीय परिणामों का विश्लेषण।
भारत में ग्रामीण बस्तियों के प्रकार और नगरीय बस्तियों के विकास तथा कार्यात्मक वर्गीकरण की समझ।

04भारत: संसाधन और सतत विकास
भारत के भूमि, जल और खनिज संसाधनों का मूल्यांकन तथा सतत पोषणीय विकास के लिए नियोजन की आवश्यकता।
भारत में भूमि उपयोग के पैटर्न, कृषि के प्रकार, फसल ऋतुओं और भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं का अध्ययन।
भारत में जल संसाधनों की उपलब्धता, जल संरक्षण के तरीके और प्रमुख धात्विक तथा अधात्विक खनिजों के वितरण का विश्लेषण।
क्षेत्रीय नियोजन, पर्वतीय और सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रमों तथा इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत विकास का मूल्यांकन।

05भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित मुद्दे
पर्यावरण प्रदूषण, शहरीकरण की समस्याओं और भू-निम्नीकरण जैसे समकालीन भौगोलिक मुद्दों का आलोचनात्मक विश्लेषण।
जल, वायु, ध्वनि और भूमि प्रदूषण के कारणों, स्रोतों और मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर इसके प्रभावों का अध्ययन।
तीव्र शहरीकरण के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं, विशेषकर मलिन बस्तियों (स्लम) की स्थिति और वहां के निवासियों की चुनौतियों का विश्लेषण।
कृषि योग्य भूमि के निम्नीकरण के कारणों, इसके परिणामों और मृदा संरक्षण तथा भूमि उद्धार के उपायों की समझ।